Asking Questions Will Satisfy Curiosity – Adventure of 2 Girls

Asking Questions Will Satisfy Curiosity – Adventure of 2 Girls

Asking Questions
https://pixabay.com/illustrations/question-mark-pile-questions-symbol-2492009/ Asking questions increases your knowledge and whets curiosity

मिनीकी चाह और कुतूहल Asking Questions

Asking Questions Will Satisfy Curiosity – read this story of Mini. सुनते हैं मिनी की और एक दिलचस्प कहानी। एक दिन मीनिंग को इच्छा हुई कि शाम को वह अपनी सहेली की वर्षा के साथ लेक के किनारे घूमने को जाएं। किनारे घूमने को जाना है लेकिन उसको पता था कि उसको इस तरह से जाने के लिए कोई परमिशन नहीं देगा।

इसलिए वह गई अपनी दादी के पास। और उनको कहा – “हमको कहीं बाहर जाने को मिलता हीं नहीं है, क्योंकि हमारे साथ कोई आता नहीं। तो हमको बड़ी तकलीफ होती है हमें कहीं जाना है तो कोई साथ हमेशा होना चाहिए, लेकिन आप लोग तो कोई टाइम निकाल नहीं सकते हो। और हम को जाने को मिलता नही है। हमारा सारा मजा किरकिरा हो जाता है।

Asking Questions will give you a solution not wringing hands, worrying or blaming others. ( प्रश्न पूछनेसे आपको समाधान मिलेगा – आप हाथों को न मसलें, न दूसरों को दोष दें, या चिंता करें) । मैं अपनी सहेली के साथ वर्षा के साथ ताल के किनारे जाऊं क्या ? हम लोग अंधेरा होने के पहले ही वापस चले आएंगे । अब दादी को उसने बहुत विनती की और अच्छी तरह से समझाया – “हम लोग अगर जाएंगे नहीं तो हमारा मूड खराब हो जाएगा और इसकी वजह से कल पढ़ाई में भी प्रॉब्लम होगी। इसीलिए उन्होंने उनको जाने के लिए अनुमति दें, प्लीझ।”

मिनी और उसके घर वालों को मनाया।मिनी वर्षा के धर गयी। वॅषासे कहा “हमारे लिए एक अच्छी सी गेंद ले लो और हम गेंद से ताल के किनारे खेलेंगे। वर्षा का एक बड़ा भाई रमेश था उसकी गेंद घर पर पड़ी थी । वर्षा ने उसकी गेंद उठा ली । मिनी के नसीब अच्छे थे, उस दिन घर पर और कोई नहीं था सब लोग काम पर गए थे ।रमेश भी नहीं था इसलिए उसको जाने का मौका मिल गया । वर्षा की दादी ने उसको तुरंत परमिशन दे दी और दोनों चल पड़े।

वह दोनो ताल के किनारे पहुंचे तो खेलना शुरु किया । थोड़ी सी दोनों एक दूसरे को गेंद फेकने लगे। वर्षा पानी की तरह खड़ी थी और मिनी पानी को पिछवाड़े करके खड़ी थी । वर्षा और मिनी एक दूसरे को गेंद फेंककर केच खेल रहे थे ।

थोड़ी देर के बाद क्या हुआ वर्षाके हाथ से एक बहुत ही तेज गेंद छुटी, मिनी पकड नही पायी और गेंद पानी में चली गयी। दोनों का मुंह छोटा हो गया । और दोनों उदास हो गए। अब बिना गेंद के घर कैसे जाएं बिना गेंद के जा नही सकते । घर पर जाकर क्या जवाब देंगे । रमेश बडा गुस्सेवाला था।

दोनो बैठकर , रोते रोते सोचने लगी और अपने फ्रोकसे आंसु पोंछने लगी। अनमनीसी वहां पर बैठ गयी। थोड़ी देर बाद मिनी उठकर बड़े बच्चों के पास गयी और एक लडकेसे कहा कि वह लोग उनका गेंद पानीसे निकाल दे। लेकिन उन्होंने मना कर दिया। कहां के उनको पानी में जाना मना किया है। यहां पर एक बीच गार्ड है जो किसीको को पानी में नहीं जाने देता।

इससे मिनी और भी उदास हो गई और दोनों बच्चे किनारे बैठ कर सोचने लगे कि अब क्या करें. शाम होती चली जा रही थी और सूरज को डुबने में करीब 20 मिनट बचे होंगे और सब बच्चे भी धीरे-धीरे घर जा रहे हे थे । दोनो ने तय किया कि पांच मिनटमे चलेंगे।

उसने देखा कि उसकी गेंद पानी पर लहरों की वजहसे आगे पीछे जा रही है। वर्षासे कहा हमें क्या करना चाहिए गेंद पर कुछ लंबी सी पतंग जैसी डोरी डालेंगे और उसको खींच लेंगे। लेकिन यह करने के लिए न थैली थी, न उनके पास न धागा था। गुस्से में आकर वर्षाने वहां से एक पत्थर उठाया और जोरो से और जोरो से गेंद की तरफ फेंका ।

मिनी के दिमाग में हमेशा कुछ नए नए सवाल उठते थे। मिनी उसको कब से देख रही थी, कि वह क्या करेगी उसने देखा कि उसकी गेम पानी पर तैर रही थी। लेकिन पत्थर पानी मे नीचे डुब गया ।ऐसा क्यों , यह सवाल अपनी टीचर को जरूर कल पुछेगी। दादी के सिवाय के लोग घर वापिस आ गए। और सोचने लगे- क्या करें ।”

क्योंकि लड़कियां अभी तक वापस नहीं लौटी सारे लोग वर्षा के घर गए और वर्षा वर्षा की दादी से पूछा . क्या मिनी यहां आयी है? उसने कहा – मुझे कुछ पता नहीं है और मै ठीकसे देख भी नहीं सकती और मुझे नहीं मालूम । बच्चियां शायद रमेश की गेंद लेकर ताल के किनारे गई है। बडी उम्रकी वजहसे दादी भुल भी जाती थी।

और मुझे नहीं मालूम, बच्चियां रमेश की गेंद लेकर ताल के किनारे शायद गई है ।

तब तक वर्षा के घर वाले लोग भी आ गए और सब मिलकर ताल के किनारे पहुंचे। वहां देखा कि दोनों बच्चियां हनुमान जैसी बैठी है क्योंकि पानी में तैर नहीं सकती और गेंद लाने। पहुंचते ही मिनी की मांने उसे को एक हाथ से पकड़ कर , दुसरे हाथसे चांटा मार दिया ।

डेडी ने उसे रोका और उसको समझाया कि प्यारसे बच्चियों को पूछो तो सही के घर क्यों नहीं आई, मिनी दौडके अपने पापा से चिपक गयी. डैडी ने मिनी और वर्षा से पूछा क्यों बैठी हो यहां पर रोते-रोते और वर्षाने हाथ लंबा करके उनकी गेंद पानी में तैर रही थी वह दिखायी। मिनी के डैडी मगन को तैरना आता था इसलिए पानी जाकर गेंद लेकर आये । वर्षा के हाथ में दे दिया। बादमे में दोनों बच्चियों का रोना बंद हो गया। वर्षाके माता पिता मजदुर थे । कुछ नही बोले।

और घर जाते वक्त रास्ते में मिनी डैडी को पूछने लगी के -” ऐसा क्यों है कि पत्थर डूब जाता है और बोल पानीके उपर तैरता रहता है? .” Asking Questions is necessary to grow- Mini had understood this. प्रगति के लिए प्रश्न पूछना आवश्यक है- मिनी ने अच्छी तरह से यह समझा था।मगन और रेखा जोरसे हसने लगे । ऐसे समय भी मिनीका कुतूहल नही रुका . रमेश हंसकर बोला -“अरे पागल पत्थर भारी होता है और बोल हल्का होता है, समजी क्या?” मिनी कहती है – “मैं नहीं मानती । कुछ और ही वजह है। “

मगन ने उसे और वर्षा को गोदमे उठा लिया । बोले – मेरी बिटिया सायनटिस्ट बनेगी और तुम वर्षा? , उसके माता पिता ेत मजदुर थे । उसे पढा नही सकते थे, इसलिए दोनो चुप रह कर नीचे नजर किये चलने लगे । मगनने बात संभालकर कहा हिम्मत मत हारो , वर्षा भी पढेगी । हम कोम्प्युटर लाएंगे सबको मौका मिलेगा। सब के मुंहपर मुस्कान आ गयी।

और सभी मिनीके घर नाश्ता किया और बच्चियों को समझाया कि कभी अकेले नहीं जाना है ।अनजाने लोगों से बात नहीं करनी है और छोटी सी चीज के लिए वहां पर रुकना नहीं है। अंधेरा होने के पहले घर वापस आ जाना है । पर कभी डरना नही है । दुसरे दिन मिनीने सायन्स टीचरसे Archimedes’ Principle का ज्ञान पाया। यह भी जाना कि सही लोगों से सवाल पुछते रहना चाहिए। Asking Questions will not only satisfy curiosity and give you right knowledge. ( प्रश्न पूछना न केवल जिज्ञासा को संतुष्ट करेगा और आपको सही ज्ञान भी देगा।)

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