3 Stories Of Cleverness Of Mulla चतुर नसीरुद्दीन

3 Stories Of Cleverness Of Mulla चतुर नसीरुद्दीन

 मुल्ला अपनी पत्नी से ज्यादा स्मार्ट है मांस की चोरी चतुर नसीरुद्दीनने कैसे पकडी

Cleverness Of Mulla – हम इस छोटी सी कहानी में देख सकते हैं। एक दिन नसीरुद्दीन के घर मेहमान आनेवाले थे ।  नसीरुद्दीन बाझार जाकर मेहमानों के लिए तीन पाउंड मास ले आया। घर पहुंचते ही उसने थैली अपनी पत्नी को देकर कहा, ‘मै मेहमानों के खाने के लिए मांस लाया हूं। इसे अच्छे से पका के परोसना ।’

मेहमानों के पधारने के बाद नसीरुद्दीन ने अपनी पत्नी को खाना परोसने को कहा।

जब खाना परोसा गया तो उसमें मांस नहीं था। उसकी पत्नी सारा मांस अकेली खा गई थी।

नसीरुद्दीन ने मेहमानों के निकल जाते ही पत्नी से पूछा, ‘मेहमानों को मांस क्यो नहीं परोसा?’ पत्नी ने झूठ कहा, ‘ मांस इसके लिए नहीं परोसा क्योंकि एक बिल्ली आकर सारा मांस चोरीसे खा गई । नसीरुद्दीन ने कहा, ‘कहां पर है वह बिल्ली?’

तब पत्नी ने उनको बिल्ली दिखाई । नसीरुद्दीन ने बिल्ली को लेकर वजन के कांटे पर रखा ।  उसका वजन 3 पाउंड मात्र पाया गया ।  नसीरुद्दीन ने पत्नी से कहा,‘ अगर यही बिल्ली है तो मांस कहां गया ? अगर दूसरी तरफ अगर यही मांस है, तो खानेवाली बिल्ली कहां गई?’ नसीरुद्दीन ने अपनी पत्नी का झूठ बड़ी चतुराई से पकड़ लिया। और मज़ेदार कहानियाँ यहाँ पढ़ें

Cleverness Of Mulla Story 2 तत्ववेत्ता से तानातानी गधा कौन है

एक बार एक  तत्ववेत्ताको  नसीरुद्दीन के साथ कुछ ताना तानी हो गई। नसीरुद्दीन ने उनको घर बुलाया और खुद बाहर चले गए। वह तत्ववेत्ता बहुत ही गुस्सा हो गया ।  गुस्से में  आकर  तत्ववेत्ताने  कलम लेकर उनके दरवाजे पर लिखा, ‘गधा’। यह लिखकर वह गुस्से में तमतमाकर चला गया।

जब नसीरुद्दीन वापस आया तो उसने दरवाजे पर देखा – ‘गधा’ । तुरंत वह तत्ववेत्ता के घर दौड़ के गया और उनसे कहा, मैं तो भूल गया था महाशय के आप आने वाले थे। मैं आपसे माफी चाहता हूं कि मैं घर नहीं रह पाया । हालांकि मैं मुलाकात का समय भूल गया था, लेकिन मुलाकात की याद  तब आ गई जब मैंने देखा की आपने अपना नाम मेरे दरवाजे पर लिख दिया है।

नसीरुद्दीन ने चतुराई से उस तत्ववेत्ता के गाली देने पर वही गाली उसीको वापस कर  दी । सीख : बोलके नही करके समजाओ और मज़ेदार कहानियाँ यहाँ पढ़ें

Cleverness Of Mulla story 3 नसीरुद्दीन की शर्त

एक बार नसीरुद्दीन ने कुछ लोगोंसे  शर्त लगाई की बहुत ठंड में भी वह करीब के पर्वत के पास जो नदी है,  उसके किनारे पूरी रात खड़ा रह सकता है। वहां पर बहुत सारे बकवास करने वाले लोग थे । उन्होंने यह तय किया कि हम  भी देखते रहेंगे  कि  ठंड से नसीरुद्दीन की क्या हालत होती है?

नसीरुद्दीनने एक पुस्तक अपने पास रखा और एक जलती मोमबत्ती लेकर नदी किनारे चल दिया। वहां पर वह पूरी रात बैठा रहा। मोमबत्ती की रोशनी में पुस्तक पढ़ते हुए सुबह कब हाे गई , पता ही नहीं चला।  वापस गाव में आकर उसने अपनी शर्त के पैसे मांगे ।

सब लोगों ने उससे पूछा, ‘ तुम्हारे पास अपने आप को गर्मी देने के लिए कुछ नहीं था?’ नसीरुद्दीन ने कहा, ‘ कुछ नहीं।’ तब  उन्होंने पूछा एक मोमबत्ती भी नहीं थी उसने कहा के हां एक मोमबत्ती नंबर की थी मेरे पास।’  लोगो ने कहा, ‘तब तो आप शर्त हार गए क्योंकि मोमबत्ती से आपको गर्मी मिलती होगी’ नसीरुद्दीन ने कुछ जवाब नहीं दिया .

Cleverness Of Mulla

Cleverness Of Mulla story 3 Continued >>> कुछ महीनों के बाद उन्होंने उन्हीं लोगों को अपने घर पर दावत के लिए बुलाया जिनके साथ उसकी शर्त लगी थी। सारे लोग लिविंग रूम में बैठे राह देख रहे थे कि खाने के लिए कब बुलाया जाएगा। कई घंटे इंतजार करते-करते  चले गए।

लेकिन  नसीरुद्दीन  ने कुछ बोला नहीं।  भूख से परेशान लोग बड़बड़ करने लगे कि अब हमे क्या भूखा वापस भेजेंगे ? इतनी बड़ी दावत दे के ?  नसीरुद्दीन ने कहा चलो मेरे साथ, देखते हैं कि खाना बनाना कहां तक पहुंचा है? सब लोग रसोई घर में पहुंच गए ।वहां पर देखा कि एक बहुत बड़ा बर्तन रखा हुआ है और उसमें पानी डाला है । उसके नीचे एक छोटी सी मोमबत्ती जल रही है। पानी को जरा भी आंच नहीं मिल रही थी।

          मुल्ला ने उनसे कहा, ‘यह तो अब तक तैयार नहीं हुआ। मुझे पता नहीं लेकिन मैंने कल से यह मोमबत्ती जला कर रखी है।’ लोगों ने उससे पूछा,’ ‘ अरे भैया, क्या बोल रहे हो इतनी छोटी मोमबत्ती से इतने बड़े बर्तन को गर्मी कहां से मिल सकती है’ ‘ मैं भी तो यही कहता हूं इतनी छोटी मोमबत्ती से इतने बड़े आदमी को गर्मी कहां से मिल सकती  है ?’

 यह बात समझ कर सब को शर्त पैसे देने पर मजबूर हुए। चतुराई से नसीरुद्दीन अपनी बात मनवा ली। सीख : बोलके नही करके समजाओ मुल्ला की अन्य कहानियाँ मज़ेदार कहानियाँ यहाँ पढ़ें

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